इस समय जो स्थिति उभरकर सामने आ रही है, वह एकल संकट नहीं बल्कि बहुस्तरीय संकट है, जो वैश्विक व्यवधानों, स्थानीय लागत दबावों और संरचनात्मक कमजोरियों से मिलकर बना है। मजदूर दिल्ली इसलिए नहीं छोड़ रहे हैं कि यहाँ काम बंद हो गया है, बल्कि इसलिए कि काम करते हुए राजधानी में टिकाऊ तरीके से जीवन जीना लगातार कठिन होता जा रहा है।
